Guldar Attack on Child in Bhatkot: पौड़ी गढ़वाल में गुलदार के हमलों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत इतनी फैल चुकी है कि लोग अब घरों में भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे। गुरुवार देर रात चौबट्टाखाल क्षेत्र में हुए ताजा हमले में गुलदार एक 4 वर्षीय मासूम बच्ची को उसके घर से ही उठाकर ले गया, जिसकी बाद में जंगल में मौत की पुष्टि हुई।
यह दर्दनाक घटना गाडरी ग्रामसभा के भतकोट गांव की है। जानकारी के अनुसार बच्ची दृष्टि अपने परिवार के साथ घर के किचन में बैठी थी, तभी घात लगाए बैठे गुलदार ने अचानक हमला किया और किचन की देहली से ही उसे उठाकर जंगल की तरफ भाग गया। परिवार और ग्रामीणों ने तुरंत तलाश शुरू की, लेकिन बच्ची का शव लगभग ढाई किलोमीटर दूर गधेरे में मिला। पूरे गांव में मातम और आक्रोश का माहौल है।
गांव के लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार की गतिविधियाँ बढ़ गई हैं। ग्रामीणों के अनुसार अब हालात इतने खराब हो चुके हैं कि गुलदार घरों के आसपास घूम रहा है और बच्चों को निशाना बना रहा है। लोगों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मांग की है कि इस गुलदार को नरभक्षी घोषित किया जाए और जल्द से जल्द मार गिराया जाए।
इस बीच, डीएफओ पौड़ी महातिम यादव ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है। क्षेत्र में गश्त बढ़ाई गई है और गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया है। साथ ही एक विशेष टीम भी तैनात की जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की, क्योंकि ऐसी संभावना है कि गुलदार अपने शिकार के पास वापस लौट सकता है।
लगातार हो रही ऐसी घटनाएँ एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती हैं कि पहाड़ी क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष पर प्रभावी रोक लगाने के लिए क्या मौजूदा कदम पर्याप्त हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा, उनका जीना कठिन होता जाएगा।
