नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया ने राजस्थान एसआई भर्ती परीक्षा 2025 से जुड़े मामले में अपने 2 अप्रैल 2026 के आदेश में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए ओवरएज अभ्यर्थियों को दी गई राहत को सीमित कर दिया है। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की विशेष पीठ ने Rajasthan Public Service Commission की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पहले आदेश की व्यापक व्याख्या सही नहीं थी और अब केवल याचिकाकर्ता सूरज मल मीणा को ही 5 और 6 अप्रैल को होने वाली परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी। अन्य ओवरएज उम्मीदवारों को इस राहत का लाभ नहीं मिलेगा।
सुनवाई के दौरान आरपीएससी ने अदालत को बताया कि पूर्व आदेश के आधार पर करीब 713 ओवरएज अभ्यर्थियों को पहले ही एडमिट कार्ड जारी किए जा चुके हैं और वे परीक्षा में शामिल होने की तैयारी कर चुके हैं। हालांकि, कोर्ट ने अपने संशोधित आदेश में राहत को केवल सीमित दायरे तक ही लागू रखने की बात कही।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया कि परीक्षा कार्यक्रम में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा और परीक्षा तय समय पर ही आयोजित होगी। यह भर्ती प्रक्रिया पहले से ही बड़े पैमाने पर चल रही है, जिसमें लगभग 7.7 लाख अभ्यर्थी शामिल हैं।
आयोग के अनुसार, परीक्षा 41 शहरों के 1173 से अधिक केंद्रों पर आयोजित की जा रही है। ऐसे में अतिरिक्त उम्मीदवारों को शामिल करना प्रशासनिक और सुरक्षा के लिहाज से बड़ी चुनौती बन सकता था। इसी आधार पर कोर्ट ने आदेश में संशोधन किया।
