चम्पावत – आनंद महरा कांग्रेस नेता बताया जा रहा है। तीनों पर नाबालिग को बंधक बनाकर झूठा वीडियो वायरल करने और तीन लोगों को फंसाने की साजिश रचने के आरोप हैं। इस मामले में अब दो वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। एक वीडियो पीड़िता का है। पीड़िता का चेहरा ब्लर है और वह उस रात की पूरी कहानी बता रही है। पीड़िता ने बताया कि कैसे कमल रावत और अर्जिता के साथ मिलकर उसने फर्जी दुष्कर्म की पूरी कहानी रची।
सल्ली गांव में बीते बुधवार को कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया था। शुरुआत में पुलिस ने तीन पर केस दर्ज किया था। बाद में खुलासा करते हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना को फर्जी और साजिश करार दिया। शुक्रवार को राम सिंह रावत ने चम्पावत कोतवाली में तहरीर दी। आरोप लगाया कि कमल ने सल्ली में उनके मकान का ताला तोड़कर नाबालिग को बंधक बनाया गया। नाबालिग के पैर रस्सी से बांध दिए और बाहर से ताला लगाकर षड्यंत्र रचा।
कोतवाल बीएस बिष्ट ने बताया कि कमल रावत निवासी सल्ली, अर्जिता राय निवासी कनलगांव चम्पावत और उनके एक अन्य साथी आनंद सिंह महरा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। कमल और अर्जिता को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। तीसरा आरोपी आनंद महरा कांग्रेस का नेता बताया जा रहा है।
पीड़िता का वीडियो हो रहा वायरल
चम्पावत में 16 साल की किशोरी से कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म के मामले में शुक्रवार को प्रसारित दो वीडियो ने पूरे मामले का रुख बदल दिया। एक कथित वीडियो में जहां किशोरी ने खुद के साथ सामूहिक दुष्कर्म की बात से इनकार किया है। वहीं, किशोरी के चचेरे भाई ने भी पुलिस पर लगाए आरोपों से मुकर माफी मांगी है।
फर्जी दुष्कर्म से तीनों को फंसाने की प्लानिंग थी
शुक्रवार को वायरल एक वीडियो में किशोरी कहती दिख रही है कि आरोपी बनाए गए तीनों लोगों ने उसके साथ कुछ गलत नहीं किया। किशोरी कहती है कि ‘विनोद रावत मेरा दोस्त था। पूरन रावत और नवीन रावत को मैं नहीं जानती हूं। विनोद रावत मेरे दोस्त की शादी में आया था। मैं भी वहीं थी, वो जल्दी चला गया था। हमारी योजना यह थी कि मैं, कमल रावत और अर्चिता राय हम उस कमरे में जाएं और खुद ही दुष्कर्म वाली हालत बनाएं और तीन लोगों पर आरोप लगाएं।
पीड़िता का दावा- अब किसी का दबाव नहीं
मैं स्पष्ट कहना चाहती हूं कि उन तीनों ने मेरे साथ कुछ गलत नहीं किया और मैं यह बात किसी के दबाव में आकर नहीं, होशो-हवास में कह रही हूं।’ वीडियो में किशोरी का चेहरा ब्लर है और आवाज भी स्पष्ट है। ऑडियो में काफी शोर है और कुछ लोगों की आवाज भी सुनाई दे रही है। पीड़िता का यह वीडियो किसने बनाया और कैसे जारी हुआ, अभी इसका खुलासा नहीं हो पाया है। इधर, चम्पावत एसपी रेखा यादव ने दोनों वायरल हो रहे वीडियो पीड़िता और उसके चचेरे भाई के होने की पुष्टि की है।
चचेरे भाई का दावा-कमल के कहने पर लिखा गया पत्र
पीड़िता के चचेरे भाई ने भी एक वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में वह कह रहा है कि ‘काफी दिनों से बहन और चाचा से बात नहीं हो पा रही थी। गुरुवार को फोन लगाया तो कमल रावत ने उठाया। उसने बताया कि चाचा का पता नहीं। तुम्हारी बहन पुलिस हिरासत में है। मैं घबरा गया तो कमल ने एसपी का नंबर दे दिया। मैंने एसपी को फोन किया, पर उन्होंने नहीं उठाया। कमल ने कहा, वीडियो क्लिप बनाकर भेज दे। कमल ने व्हाट्सऐप पर लिखकर भेजा, जिसे मैंने पत्र बना कर एसपी को भेज दिया। कमल ने कहा था कि पैसे देकर समझौते का दबाव डाला जा रहा है। शाम को चाचा से बात हुई तो उन्होंने साजिश की बात बताई। मैं एसपी और जनता से माफी मांगना चाहता हूं कि मैंने बिना सोचे-समझे बोल दिया।’