ग्रेटर नोएडा- ग्रेटर नोएडा में श्रमिकों के उपद्रव की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी मेधा रूपम ने मंगलवार देर रात अपने कार्यालय में आउटसोर्सिंग एजेंसियों और संविदाकारों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि किसी एजेंसी के श्रमिक अनुशासनहीनता या उपद्रवी व्यवहार में शामिल पाए जाते हैं तो संबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा और उनका लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।
बैठक में डीएम ने सभी संविदाकारों को शासन द्वारा तय न्यूनतम वेतन का पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि सरकार ने अकुशल श्रमिकों के लिए ₹13,690, अर्धकुशल श्रमिकों के लिए ₹15,059 और कुशल श्रमिकों के लिए ₹16,868 मासिक वेतन निर्धारित किया है। यह राशि सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जानी चाहिए।
डीएम मेधा रूपम ने कहा कि उद्योगों को सुचारू रूप से चलाने और रोजगार उपलब्ध कराने में एजेंसियों की अहम भूमिका होती है। ऐसे में उनकी जिम्मेदारी है कि वे अपने श्रमिकों को अनुशासन और शांति बनाए रखने के लिए प्रशिक्षित करें। यदि किसी भी एजेंसी के कर्मचारी उपद्रव करते हैं तो उसकी जिम्मेदारी एजेंसी की भी होगी और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने श्रमिकों और एजेंसियों से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें और औद्योगिक क्षेत्र में शांति बनाए रखें।
