पिथोरागढ़: प्रसिद्ध आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर बिना इनर लाइन परमिट के पहुंचे कुछ पर्यटकों का वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन में हलचल मच गई है। वायरल वीडियो कथित तौर पर 12 अप्रैल का बताया जा रहा है, जिसके बाद स्थानीय लोगों और प्रशासन दोनों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है।
आदि कैलाश और ओम पर्वत दोनों ही भारत-चीन सीमा के बेहद संवेदनशील इलाके में स्थित हैं। छियालेख क्षेत्र को इनर लाइन जोन घोषित किया गया है, जहां से आगे बढ़ने के लिए परमिट अनिवार्य है। यहां तैनात आईटीबीपी हर व्यक्ति के दस्तावेजों की विस्तृत जांच के बाद ही प्रवेश की अनुमति देती है।
सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ टूर ऑपरेटर नियमों की अनदेखी कर पर्यटकों को बिना परमिट आगे ले जा रहे हैं, जो सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है।
स्थानीय टूर ऑपरेटर प्रदीप ह्याकी के अनुसार, यह क्षेत्र सामरिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है और बिना अनुमति यहां पहुंचना सीधे सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है।
इस मामले में धारचूला के एसडीएम आशीष जोशी ने आईटीबीपी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने बताया कि बिना परमिट पर्यटक कैसे आगे पहुंचे, इसकी जांच शुरू कर दी गई है। यात्रा करने वाले व्यक्तियों का पूरा विवरण पांच दिनों के भीतर जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
आदि कैलाश, जिसे छोटा कैलाश भी कहा जाता है, पिथौरागढ़ जिले की व्यास घाटी में स्थित पंच कैलाशों में से एक पवित्र तीर्थ है। यहां यात्रा के लिए परमिट, मेडिकल जांच और प्रशासनिक अनुमति बाध्यकारी है। सड़क सुविधाओं के बेहतर होने के बाद श्रद्धालु अब गुंजी और जोलिंगकोंग तक वाहनों से पहुंचकर पार्वती सरोवर, गौरीकुंड और आदि कैलाश के दर्शन सहज रूप से कर पाते हैं।
