रुद्रप्रयाग: विश्व प्रसिद्ध भगवान शिव के केदारनाथ धाम में पिछले दो दिनों से जारी बर्फबारी ने यात्रा तैयारियों को प्रभावित कर दिया है। रविवार को सुबह जहां धूप खिली, वहीं दोपहर बाद मौसम के अचानक बिगड़ने से बारिश और हल्की बर्फबारी शुरू हो गई। मौसम की इस अनिश्चितता ने प्रशासन और संबंधित विभागों के सामने नई चुनौतियाँ खड़ी कर दी हैं।
इस वर्ष केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खुलने वाले हैं। इससे पहले यात्रा मार्गों को सुचारू करने के लिए विभिन्न विभाग लगातार कार्य कर रहे हैं। गौरीकुंड–केदारनाथ पैदल मार्ग पर पिछले दिनों मालवाहक घोड़े-खच्चरों की आवाजाही शुरू हो गई थी, जिससे सामग्री पहुँचाने का काम तेज हो गया था, लेकिन शनिवार को हुई भारी बर्फबारी ने व्यवस्थाओं को फिर धीमा कर दिया।
केदारनाथ विकास प्राधिकरण (डीडीएमए) ने मार्ग और मंदिर परिसर को बर्फमुक्त करने के लिए 60 से अधिक मजदूरों को लगाया है। लगातार सफाई के बावजूद बार-बार हो रही बर्फबारी से मार्ग पर बर्फ की मोटी परत दोबारा जम रही है। रविवार सुबह मौसम साफ था, लेकिन दोपहर बाद फिर बादल घिर आए और हल्की बर्फबारी ने काम की रफ्तार धीमी कर दी।
डीडीएमए के अधिशासी अभियंता राजविंद सिंह ने बताया कि मौसम में लगातार बदलाव यात्रा तैयारियों को प्रभावित कर रहा है। फिलहाल मालवाहक पशुओं की आवाजाही जारी है, लेकिन श्रद्धालुओं को मार्ग तभी खोला जाएगा जब मौसम स्थिर हो जाए और रास्ता पूरी तरह सुरक्षित हो।
मंदिर परिसर और पैदल मार्ग पर जमी बर्फ के कारण स्वास्थ्य, जलापूर्ति, संचार और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएँ बहाल करना भी विभागों के लिए चुनौती बना हुआ है। प्रशासन 22 अप्रैल से शुरू हो रही यात्रा को लेकर सतर्क है, लेकिन मौसम की प्रतिकूलता कार्यों की गति को धीमा कर रही है। आगामी दिनों का मौसम ही तैयारियों की दिशा तय करेगा।
उधर, उत्तराखंड मौसम विभाग के अनुसार आज उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में गरज के साथ बारिश की संभावना है। 3300 मीटर से अधिक ऊँचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की चेतावनी दी गई है। पर्वतीय जिलों में तेज हवाएँ (40–50 किमी/घंटा) चलने, बिजली चमकने और बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
