नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम को देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अहम बैठक करेंगे। यह बैठक उन राज्यों को छोड़कर आयोजित की जा रही है, जहां फिलहाल चुनावी प्रक्रिया जारी है।
सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात के बीच राज्यों की तैयारियों की समीक्षा करना और केंद्र-राज्य के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। ‘टीम इंडिया’ की भावना के तहत इस संवाद के जरिए संभावित संकट से निपटने के उपायों पर चर्चा होगी।
वहीं, कैबिनेट सचिवालय चुनावी राज्यों—तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और पुडुचेरी—के मुख्य सचिवों के साथ अलग से बैठक करेगा, ताकि वहां भी हालात पर नजर रखी जा सके।
प्रधानमंत्री मोदी लगातार ईरान से जुड़े संघर्ष की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। हाल के दिनों में उन्होंने संसद के दोनों सदनों और सर्वदलीय बैठक के जरिए सरकार की तैयारियों और रणनीति की जानकारी दी है। खासतौर पर ऊर्जा आपूर्ति को लेकर राज्यों की भूमिका को देखते हुए यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है।
सरकार ने नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि देश में फिलहाल ईंधन की कोई कमी नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, भारत के पास करीब 60 दिनों का पर्याप्त ईंधन भंडार मौजूद है। साथ ही, कच्चे तेल की आपूर्ति पहले से सुनिश्चित कर ली गई है, जिससे बाजार में किसी तरह की कमी नहीं होगी।
अधिकारियों ने बताया कि भारत 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल आयात करता है, जिससे किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम रहती है। ऐसे में होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी संभावित बाधा का देश की आपूर्ति पर सीमित प्रभाव पड़ेगा।
